मंटू और उसकी माँ मनु का सम्मान पर पाठ **परिचय:...
मंटू की नन्ही शरारतें हर घर की कहानी जैसी हैं। सुबह होते ही मंटू चुपके से रसोई में घुस जाता, माँ के बनाए गरम-गरम पराठे में से एक टुकड़ा चुराकर भाग जाता। कभी-कभी वह अपने छोटे भाई की स्कूल की किताबों में रंगीन पेंसिल छिपा देता, जिससे भाई परेशान हो जाए और वह हँस सके। मंटू की ये शरारतें मासूम थीं, लेकिन माँ की चिंता बढ़ा देती थीं। माँ सोचती, “अगर मंटू में अभी से अनुशासन नहीं आया, तो बड़ा होकर क्या ...
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