*1. धर्म का मतलब समझो महर्षि दयानंद सरस्वती ने _सत्यार्थ प्रकाश_ में कहा था...
*1. धर्म का मतलब समझो महर्षि दयानंद सरस्वती ने _सत्यार्थ प्रकाश_ में कहा था: "जो पक्षपात रहित न्याय, सत्य का ग्रहण, असत्य का परित्याग रूप आचार है उसी का नाम धर्म है।" यानी धर्म का मतलब सिर्फ पूजा-पाठ नहीं है। सच बोलना, न्याय करना, सबके लिए भला सोचना, ये ही असली धर्म है। *2. रोज़मर्रा में धर्म कैसे जिएं* - *सत्य*: छोटी-छोटी बातों में सच बोलने की आदत डालो। - *अहिंसा*: मन, वचन, कर्म से किसी को...
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